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10 Line Teachers Day Speech in Hindi & English – 300 Word For Students & Teachers

2 minute speech on teachers’ day 2024, teachers day speech in 300 words in Hindi & English

हर इंसान के जीवन में सबसे ज्यादा महत्व एक शिक्षक या गुरु का होता है क्योकि वह ही अपने विद्यार्थी के ज्ञान का एकमात्र साधन होते है। शिक्षको के कार्यो को सराहने और उनकी प्रशंसा करने के लिए बहुत से पर्व आते है, जिनमे से एक शिक्षक दिवस भी है। इस दिन यह जरुरी होता है की हम शिक्षको के प्रति की भावना को सभी के सामने रखे।

हमारे देश में हर साल 5 सितंबर को भारत के पूर्व राष्ट्रपति सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जन्मदिन के मौके पर शिक्षक दिवस मनाया जाता है। इस दिन का हर छात्र एवं शिक्षक के लिए बेहद महत्व होता है।

शिक्षक, मनुष्य के जीवन का महत्वपूर्ण आधार होते हैं। गुरुओं की महिमा का बखान तो बड़े-बड़े संत कवियों ने भी की है। वहीं हमारी भारतीय संस्कृति में भी गुरुओं को उच्च स्थान दिया गया है साथ ही गुरु-शिष्य के अनूठए रिश्ते को वेदों और पुराणों में भी बताया गया है।

इसलिए भारत में शिक्षकों के सम्मान में यह दिवस बड़े ही धूमधाम से मनाया जाता है। शिक्षक दिवस के मौके पर स्कूलों, कॉलेजों समेत तमाम शिक्षण संस्थानों में कार्यक्रमों का आयोजन होता है।

वहीं इस मौके पर छात्रों को भाषण आदि बोलने का भी मौका मिलता है, जिसके माध्यम से छात्र अपने शिक्षकों के प्रति अपनी कृतज्ञता और सम्मान प्रकट करते हैं।

वहीं अगर आप भी इस शिक्षक दिवस पर भाषण (Teachers Day Speech) देने की सोच रहे हैं तो शिक्षक दिवस के विषय पर हमारे लेख में दिए गए यह स्पीच आपके लिए काफी मद्दगार साबित हो सकते हैं, तो आइए पढ़ते हैं शिक्षक दिवस पर भाषण –

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 Teachers day Speech in Hindi 2024

प्रिंसिपल सर को सुप्रभात, सम्माननीय शिक्षक और मेरे प्यारे मित्रो, हम सभी आज यहाँ शिक्षक दिवस मनाने के लिए एकत्रित हुए है। इस महोत्सव पर मै आप सभी का स्वागत करता हूँ। आज 5 सितम्बर है और हम सभी इस दिन को शिक्षक दिवस के रूप में सालो से मनाते आ रहे है।

इस दिवस को देश के सभी स्कूल और कॉलेजों में डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की याद और शिक्षक के कार्यो को सम्मान देते हुए मनाया जाता है। हमारे समाज में शिक्षको को एक विशेष दर्जा दिया जाता है और विद्यार्थियों के करियर को बनाने में भी उनका महत्वपूर्ण योगदान होता है। देश में धूम-धाम से शिक्षक दिवस मनाया जाता है। हम सभी के जीवनकाल में कोई ना कोई ऐसा शिक्षक जरुर होता है जिसे हम अपना आदर्श मानते है।

आपके शिक्षको ने ही आपको एक स्वतंत्र विचारक, साहसी पढ़ाकू और जिज्ञासु शोधकर्ता बनाया है। और उन्होंने आपको जीवन के हर एक कदम पर सहायता की है। जब कभी भी शिक्षक हमकर गुस्सा हुए है तब भी हमें जीवन में कठिन परिस्थितियों का सामना करने की ताकत मिली है।

उन्होंने ही हमें समाज में रहने और सच्चाई का सामना करने की हिम्मत दी है। लेकिन हम सभी को इस बात का एहसास बादमे होता है। और उस समय हम केवल उनका आदर और सम्मान ही कर सकते है।

जब कभी भी आप अपने पसंदीदा शिक्षक को याद करो तो आपके मन में उसे जुडी हुई कुछ रोचक बाते ए रोचक किस्से जरुर याद आयेंगे।

साल दर साल समय तो गुजरता चला जाएंगा। लेकिन शिक्षको का एक विशेष स्थान हमारे दिल में हमेशा बना रहेंगा। जब शिक्षक हमें पढ़ाते है तो वे अपना सब कुछ भूलकर अपना पूरा समय, अपना पूरा ज्ञान और अपनी पूरी क्षमता हमारे उपर खर्च करते है। शिक्षक हमारे बचपन से ही हमारे जीवन को स्थानांतरित करते रहते है।

इसीलिए शिक्षक दिवस के दिन निश्चित रूप से हमें शिक्षको के प्रति अपने विचारो को बाटना चाहिए, इससे हमें तो ख़ुशी मिलती ही है साथ ही शिक्षक भी प्रोत्साहित होते है। जब हम शिक्षको के लिए कुछ करते है तो शिक्षको को भी हमपर गर्व महसूस होता है। शायद इसी दिन को मनाकर हम उनका आभार भी व्यक्त कर सकते है।

हमारे शिक्षको ने हमारे लिए जितना किया, उसके बराबर हम उन्हें कोई चीज नही दे सकते। लेकिन हाँ, हम उनका आभार जरुर व्यक्त कर सकते है। मैं एक शिक्षकों पर कविता – Teachers Day Poem सुनाकर अपना यह भाषण समाप्त करना चाहूँगा।

गुरु आपकी ये अमृत वाणी
हमेशा मुझको याद रहे
जो अच्छा है जो बुरा है
उसकी हम पहचान करे
मार्ग मिले चाहे जैसा भी
उसका हम सम्मान करे
दीप जले या अँगारे हो
पाठ तुम्हारा याद रहे
अच्छाई और बुराई का
जब भी हम चुनाव करे
गुरु आपकी ये अमृत वाणी
हमेशा मुझको याद रहे

धन्यवाद् !

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शिक्षक दिवस पर भाषण 2024– Teachers Day Bhashan in Hindi: 300 words

सर्वप्रथम सभी को शिक्षक दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं !

आदरणीय मान्यवर, सम्मानीय मुख्य अतिथि, प्रधानचार्या जी, सभी शिक्षक गण और यहां पर बैठे मेरे छोटे-बड़े भाई-बहनों और मेरे प्रिय दोस्तों आप सभी का मैं…. तहे दिल से आभार प्रकट करती हूं/करता हूं।

बेहद खुशी हो रही है कि, आज मुझे शिक्षक दिवस के इस खास मौके पर आप लोगों के समक्ष भाषण देने का सुनहरा अवसर प्राप्त हुआ है।

मैं शिक्षक दिवस अपने भाषण की शुरुआत, गुरु की महिमा पर किसी महान कवि द्धारा लिखे गए एक संस्कृत श्लोक के माध्यम से करना चाहती हूं /चाहता हूं

“गुरुर्ब्रह्मा ग्रुरुर्विष्णुः गुरुर्देवो महेश्वरः।
गुरुः साक्षात् परं ब्रह्म तस्मै श्री गुरवे नमः॥”

अर्थात् गुरु ही ब्रह्मा हैं, जो अपने शिष्यों को नया जन्म देता है, गुरु ही विष्णु हैं जो अपने शिष्यों की रक्षा करता है, गुरु ही शंकर है; गुरु ही साक्षात परमब्रह्म हैं; क्योंकि वह अपने शिष्य के सभी बुराईयों और दोषों को दूर करता है। ऐसे गुरु को मैं बार-बार नमन करता हूँ/ करती हूं।

जैसे कि हम सभी जानते हैं कि एक शिक्षक, एक मनुष्य के जीवन का महत्वपूर्ण आधार होता है, शिक्षक के बिना मनुष्य अपने जीवन में कभी भी ज्ञान नहीं हासिल कर सकता है और न ही अपने जीवन में आगे बढ़ सकता है। शिक्षक का हर किसी के जीवन में बेहद खास महत्व होता है।

शिक्षकों के सम्मान में हर साल 5 सितंबर को डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती पर हमारे देश में शिक्षक दिवस मनाया जाता है।

इस मौके पर देश के राष्ट्रपति, पहले उपराष्ट्रपति एवं महान शिक्षक राधाकृष्णन जी को श्रद्धांजली देकर उन्हें याद किया जाता है एवं शिक्षकों के सम्मान में तरह -तरह के कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।

वहीं हमारे स्कूल में भी इस मौके पर कार्यक्रम आयोजित किया गया है, जिसे मनाने के लिए हम सब  इस सभागार में इकट्ठे हुए हैं।

इसके साथ ही दोस्तों आपको यह बता दें कि आखिर 5 सितंबर को भी हम शिक्षक दिवस क्यों मनाते हैं, दरअसल देश के महान शिक्षकविद रह चुके डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन जी 1962 में जब देश के राष्ट्रपति के पद पर सुशोभित हुए तो छात्रों ने मिलकर उनके जन्मदिवस को मनाने का आग्रह किया।

लेकिन सर्वपल्ली राधाकृष्णन जी को शिक्षकों से बेहद लगाव था, इसलिए उन्होंने अपने जन्मदिवस को शिक्षक दिवस मनाने की इच्छा जताई थी और तभी से उनकी जयंती को शिक्षक दिवस के रुप में हमारे देश में धूमधाम से मनाया जाने लगा।

देश के उत्थान के लिए कई काम कर चुके डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन जी का मानना था कि शिक्षक के बिना एक मनुष्य कभी भी अपनी मंजिल तक नहीं पहुंच सकता है, इसलिए हर व्यक्ति के जीवन में शिक्षक का होना बेहद जरूरी है।

राधाकृष्णन जी ने न सिर्फ अपने जीवन के 40 साल एक शिक्षक के रुप में काम किया और लोगों के बीच एक पसंदीदा शिक्षक के रुप में ख्याति  बटोरी, बल्कि समाज में शिक्षक के महत्व, उनके द्धारा समाज और राष्ट्र के विकास में उनके योगदान को बताया।

अपने जीवन में उच्च पदों पर आसीन होकर देश की सेवा करने वाले एवं शिक्षा के क्षेत्र में अपना महत्वपूर्ण योगदान देने वाले राधाकृष्णन जी का कहना था कि, अगर शिक्षा सही तरीके से दी जाए तो, समाज में फैली कई बुराइयों को दूर किया जा सकता है।

अर्थात इस बात से भी इंकार नहीं किया जा सकता है कि, एक शिक्षक ही मनुष्य के अंदर सोचने, समझने और सीखने की अद्भुत शक्ति विकसित करता है एवं शिक्षक ही मनुष्य के ज्ञान, जानकारी, समृद्धि के वास्तविक धारक होते हैं।

हर किसी की सफलता के पीछे शिक्षक का ही हाथ होता है, क्योंकि बिना शिक्षक के मार्गदर्शन से व्यक्ति अपने लक्ष्य को हासिल नहीं कर सकता है।

एक शिक्षक अपनी पूरी जिंदगी अपने शिष्यों के प्रति समर्पित रहता है एवं अपने शिष्य के  जीवन से अज्ञानता के अंधेरे को दूर कर उसके जीवन में ज्ञान का ज्योति जलाता है, साथ ही निस्वार्थ भाव से अपने शिष्य के सफल जीवन की कामना करता है।

हर शिक्षक यही चाहता है कि, उसका शिष्य अपने जीवन में सफलता की असीम ऊंचाईयों को छुए।

वहीं एक शिक्षक न सिर्फ अपने शिष्य को शिक्षित करने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका अदा करता है, बल्कि वह एक सभ्य समाज और शिक्षित राष्ट्र के निर्माण में मद्द करता है एवं युवाओं को देश के सुनहरे भविष्य के लिए तैयार करता है।

दरअसल, हम सभी के अंदर शिक्षक के ज्ञान और सही मार्गदर्शन से ही सही और गलत का एहसास होता है साथ ही हमारे अंदर दया, परोपकार, मद्द का भाव प्रकट होता है एवं हमारे अंदर अनुशासन, कृतज्ञता, कर्तव्यपरायणता आदि जैसे गुण उत्पन्न होते हैं। अर्थात शिक्षक, मनुष्य को सफल बनाने की राहें आसान बना देते हैं।

हम सभी शिष्य बेहद धन्य है कि हमें आप जैसे शिक्षकों से मार्गदर्शन प्राप्त हुआ है।

आप शिक्षकों के बिना हमारा जीवन बिना नाविक की नाव की तरह होता, जिस तरह बिना नाविक के नाव दिशाहीन होकर चलती है, या फिर बेसहारा भंवर में फंस जाती है, ठीक उसी तरह आप जैसे टीचर्स के बिना हम दिशाहीन हो जाते हैं और हमें कभी नहीं पता चलता है कि हमें किस रास्ते पर चलना है।

दोस्तों यह शिक्षक दिवस हम सभी छात्रों को लिए के लिए बेहद खास है, क्योंकि इस मौके पर हमे अपने शिक्षकों के प्रति न सिर्फ सम्मान प्रकट करने का मौका मिलता है।

बल्कि सही मार्गदर्शन कर हमें तरक्की की तरफ अग्रसर करने वाले शिक्षकों का हमें शुक्रियादा करने का भी सुनहरा अवसर प्राप्त होता है।

मै अपने भाषण का अंत अपने टीचर्स के लिए कुछ खास पंक्तियों के माध्यम से करना चाहती हूं/चाहता हूं –

“आप केवल हमारे शिक्षक नहीं है, आप हमारे मित्र, दार्शनिक और मार्गदर्शक है, आप, हम सभी को एक सभ्य व्यक्ति के रुप में ढ़ालते है। हम आपके समर्थन के लिए हमेशा आभारी रहेंगे।”

धन्यवाद।।

Buddha Purnima Wishes 

 

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Teachers Day Speech in English 2024

Respected Principal Sir, Greetings to all respected teachers and my dear friends and best wishes to all of you on Teacher’s Day.

As we all know that today 5th September is a very special day for all of us students and teachers, so we all have gathered in this auditorium to make this day celebrated in honor of teachers more special.

On this occasion of Teacher’s Day, we would like to thank all the teachers who played an important role in building a civilized society and an educated nation and also pay homage to the hard efforts of the ideal teachers who serve the society selflessly.

On this special occasion of Teacher’s Day, I am very happy that I have got a golden opportunity to give a speech in front of all of you and I am very grateful for this opportunity to express my views in the honor of my Gurus.

I want to start my speech through some special lines written by the great saint Kabirdas ji, who told the glory of teachers –

 

“गुरू बिन ज्ञान न उपजै, गुरू बिन मिलै न मोष।
गुरू बिन लखै न सत्य को गुरू बिन मिटै न दोष।।

That is, in this couplet, the great saint Kabir Das ji has told that without a guru man cannot attain knowledge in his life, and then he wanders in the darkness of ignorance in his life. Along with this, the world remains clinging to attachment and bondage.

It is the Guru who shows his disciple the way to heaven, at the same time makes him aware of the truth, the false and the right and the wrong. Without the knowledge of the Guru, man is indulging in many evils.

That’s why we all should respect our gurus and teachers and earn knowledge from them reverently.

In our country every year on 5th September, the birthday of Dr. Sarvepalli Radhakrishnan is celebrated as Teacher’s Day.

Let us tell you that in the year 1962, when Radhakrishnan became the President of the country, he had requested to celebrate his birthday as Teacher’s Day, and since then till today, every year on 5th September, teachers are honored. Teacher’s Day is celebrated in

A teacher is the mainstay of human life, without a teacher the successful life of man cannot even be imagined.

Only with the right guidance of the teacher, a person becomes capable of achieving his life goals and is prepared for the challenges to come in the future.

A teacher plays an important role in the physical and mental development of human beings and builds an ideal citizen dedicated to the nation.

The teacher molds his pupil in the right shape and lays the foundation for his golden future. That is why we all should respect our teachers as well as never forget their valuable efforts in making our life successful and should never forget and express our gratitude towards them.

On the other hand, this occasion of Teacher’s Day is a very good opportunity to show respect to your gurus and to express your feelings towards them.

Guru-disciple relationship is selfless, in which a teacher selflessly imparts knowledge to his disciple and instructs him to follow the right path in his life and do the right deeds.

After parents, it is our teacher who always thinks about our success and we make continuous efforts to make the disciples successful.

A teacher not only makes us capable of being successful but also enables us to fight the difficulties in our life through knowledge and patience in bad times. Along with this, teachers encourage their students to move forward from time to time.

Only by hard work, sacrifice and dedication of the teachers, a disciple becomes worthy and successful and he is liberated.

At the same time, in all professions, a teacher is the only profession, which is not only great and higher than every profession, but also creates many professions.

That is why we all should understand the importance of our teachers as well as have reverence and respect for our gurus.

Just as a teacher constantly strives for the bright future of the students, in the same way it is the responsibility of all the students to listen to their teachers and acquire knowledge from them truthfully and honestly.

At the same time, the importance of teachers who play their important role in nation building in the development of the country and their contribution cannot be put in words only.

At the end of my speech, I want to do through some special lines written on teachers –

“धूल थे हम सभी आसमां बन गये
चांद का नूर ले कहकंशा बन गये
ऐसे सर को भला कैसे कर दें विदा
जिनकी शिक्षा से हम क्या से क्या बन गये”

धन्यवाद।।

 

 

B.L Rakhla

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